Monday, 27 November 2017

कुछ प्यारी बातें जो आप के दिल को छू सकती है

 कुछ प्यारी बातें। जो आप के दिल में हमेशा रहेगी। हम उम्मीद करते है आप को मेरी कुछ चंद लाइने पसंद आएंगी।

(1) माता पिता से बढ़कर जग में मेरा कोई भगवन नहीं,
      चूका पाऊँ जो उनका श्रण इतना में धनवान नहीं।
(2) यकीन और दुआ नजर नहीं आते ,
      मगर नामुमकिन को मुमकिन बना देते है।
(3) रिश्ते खून के नहीं होते विश्वास के होते है
     अगर विश्वास हो तो पराये भी अपने हो जाते है। और
     अगर विश्वास न हो तो अपने भी पराए हो जाते है।
(4) कदर होती है इंसान की ज़रुरत पड़ने पर ही
      बिना ज़रूरत  के हो हिरे भी तिजोरी में रहते है।
(5) कोई मेरा बुरा करे वो उसका कर्म। 
      मैं किसी का बुरा न करूँ ये मेरा धर्म।
(6) मुझे किसी के बदल जाने का गम नहीं।
     बस कोई था जिस पर खुद से ज़्यादा भरोसा था।
(7) आत्महत्या कर ली गिरगिट ने "सुसाइड "नोट छोइकर।
       अब इंसान से ज़्यादा मैं रंग नहीं बदल सकता।
   
                                                                                         (मुबस्सर जीफा) ..... 

Sunday, 26 November 2017

आज कल तो भलाई का ज़माना ही नहीं रहा।

गप शप में आपका स्वागत है


                आज आप शप में। मैं अपने मन की भावना व्यक्त करना चाहता हूँ आज मेरे साथ एक घटना घटित हुई। जो मुझे कुछ सोचने पर मजबूर कर गई। घटना कुछ इस प्रकार हुई। की एक दुकान मे महिला का आगमन हुआ। और मैं ठीक उसके सामने वाले दुकान में खरा कुछ सामान ले रहा था। अचानक ही मेरी नजर उस दुकानदार और उस ग्रहक महिला पर चली गई। मैं बड़े गौर से उनकी बात सुनने लगा।
वह महिला ग्राहक दुकानदार से सामान की मांग कर रही थी। वह दुकानदार भी बड़े चाव से अपने दुकान का सामान एक अच्छे विक्रेता की तरह समझा-समझा कर अच्छे बुरे का फर्क बता कर बेचने की कोशिश कर रहा था।

आख़िरकार उस महिला को उसके पसंद का सामान मिल गया।  परन्तु जो सामान उस महिला ने पसंद किया वह कम दाम और कम गुणवत्ता का था इसलिए उस दुकानदार ने सोचा की क्यों न उस महिला को  थोड़े से ज्यादा दाम में अच्छी गुणवत्ता वाला सामान दे।

जब दुकानदार ने उस महिला को ये सब समझाया तो उस महिला ने अजीब सा व्यवहार किया वे कुछ भी समझने के बदले बिना कुछ कहे यूँहीं छोड़ के चली गई। उसके बाद वह विक्रेता काफी मायूस हो गया। वो समझ नहीं सका की क्या हो गया। "


इस घटना के बाद मुझसे रहा नहीं गया।  मैं उसके पास गया और उससे पूछा किया हुवा भाई तुम इतने मायूस क्यों हो गए।  उस दुकानदार ने मायूस भरे शब्दों में कहा, क्या कहूं भाई "आज कल तो  भलाई का ज़माना ही नहीं रहा।"

कहीं न कहीं मैं उसकी इस बात से सहमत था..........

Friday, 24 November 2017

गप शप में आप का स्वागत है।

मुबस्सर जिफा  

प शप  में आप का स्वागत है। 
         क्या अंदर है किसी ने पूछा।
मैं कहा बहुत कुछ भरे अन्दर है । प्रारम्भ से अभी तक की  बातें आपने अन्दर संजोह कर रखा है।
जब कोई बात करता है तो बातो बातो में कई अंदर की बात बाहर आजाती है ।

          मुझे लगता है गप - शप ही एक माध्यम है अपने अनुभव को शेयर करने का ओर औरो के अनुभव को जानने का। ये सबसे अच्छा तकनीक है ज्ञान प्राप्त करने का ।
            
    आपका स्वागत है मेरे ब्लॉग गप -शप पर ---आओ गप -शप करें।